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Dss..Sabalgarh फोर्ट: मध्ययुगीन उम्र के स्मारकों के बीच Sabalgarh का किला दर्शनीय है. सिंधिया अवधि में किले के पीछे निर्मित खूबसूरत 'बंद' पूरे दृश्य सबसे आकर्षक बना दिया है. Sabalgarh की नींव अतीत में एक 'गुजर' नाम सबला द्वारा रखी गई थी. कुछ हद तक एक ऊंचे पहाड़ पर किले का निर्माण गोपाल सिंह, Karoli के राजा द्वारा किया गया था. सिकंदर लोधी यह दृढ़ता से निर्मित किले पर नियंत्रण रखने के लिए एक बड़ी सेना भेजी. उत्तरी भारत के अपने अभियान में मराठों इसे फिर से जीता और Karoli के राजा को यह वापस दे दी. लेकिन वर्ष 1795 ई. में इसे फिर से जिसका बड़ा घर अभी भी वहाँ खड़ा Khande राव ने उससे दूर छीन लिया गया था. प्रभु Vallejali दौलत राव सिंधिया (1764-1837) के शासन के दौरान ग्वालियर के इस किले में रहते थे. यह वर्ष 1804-5 में अंग्रेजी द्वारा जब्त किया गया था. 1809 में इस किले के आसपास के क्षेत्र सिंधिया के राज्य में जोड़ा गयाble click me.




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D.S.S. CHAMBAL GROUP OF SABALGARH







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